RSS Full Form in Hindi आरएसएस की फुल फॉर्म क्या है?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ – भारत का एक बहुचर्चित संगठन

RSS kya hai

            RSS Full Form in Hindi          राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

RSS का परिचय

RSS kya hai – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) भारत का एक प्रमुख हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है। इसकी स्थापना 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में की थी। RSS को भारत के सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से गहरा संबंध माना जाता है। यह संगठन अपनी विशिष्ट शाखा प्रणाली और स्वयंसेवकों की अनुशासनबद्धता के लिए जाना जाता है।

RSS के उद्देश्य

RSS का मुख्य उद्देश्य एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट भारत का निर्माण करना है। संगठन का मानना है कि हिंदू धर्म और संस्कृति भारत की पहचान हैं और इनकी रक्षा करना प्रत्येक भारतीय का कर्तव्य है। RSS के कुछ प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • हिंदू धर्म और संस्कृति का संरक्षण: RSS हिंदू धर्म और संस्कृति को भारत की पहचान मानता है और इनकी रक्षा करना संगठन का प्रमुख उद्देश्य है।
  • राष्ट्रीय एकता और अखंडता: RSS का मानना है कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखना आवश्यक है।
  • सामाजिक समरसता: RSS सामाजिक समरसता और भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।
  • स्वयंसेवा: RSS के स्वयंसेवक समाज सेवा के विभिन्न कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं।
  • शारीरिक और मानसिक विकास: RSS शारीरिक और मानसिक विकास पर विशेष जोर देता है।

RSS की कार्यप्रणाली

RSS की कार्यप्रणाली अत्यंत व्यवस्थित और अनुशासित है। संगठन की सबसे छोटी इकाई शाखा होती है, जहां स्वयंसेवक प्रतिदिन एकत्रित होकर शारीरिक व्यायाम और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। शाखाओं को मिलाकर मंडल और मंडल को मिलाकर प्रांत बनते हैं। RSS का सर्वोच्च निर्णय लेने वाला निकाय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा है।

RSS और राजनीति

RSS को भारत की राजनीति में एक प्रभावशाली संगठन माना जाता है। संगठन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भाजपा को RSS का राजनीतिक दल माना जाता है। हालांकि, RSS स्वयं को एक राजनीतिक संगठन नहीं मानता है और वह दावा करता है कि उसका लक्ष्य केवल समाज सेवा करना है।

RSS की आलोचना

RSS की अक्सर आलोचना की जाती है। कुछ लोग RSS को एक सांप्रदायिक संगठन मानते हैं और आरोप लगाते हैं कि वह अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन करता है। कुछ लोग यह भी आरोप लगाते हैं कि RSS हिंदुत्व के नाम पर राजनीतिक स्वार्थों को आगे बढ़ाता है।

RSS का योगदान

RSS ने भारत के सामाजिक और राजनीतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संगठन ने स्वच्छता अभियान, रक्तदान शिविर, आपदा राहत कार्य और अन्य कई सामाजिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। RSS ने भारतीय समाज में राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

RSS का निष्कर्ष

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत का एक बहुचर्चित और प्रभावशाली संगठन है। संगठन की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों को लेकर विभिन्न प्रकार के विचार हैं। कुछ लोग RSS को एक सकारात्मक शक्ति मानते हैं, जबकि कुछ लोग इसे एक सांप्रदायिक संगठन मानते हैं।

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FAQs

RSS का क्या काम है?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) एक हिंदू राष्ट्रवादी स्वयंसेवी संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय समाज को एकजुट करना, हिंदू धर्म और संस्कृति को बढ़ावा देना और भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाना है। RSS अपने सदस्यों को शारीरिक और मानसिक प्रशिक्षण देता है और उन्हें समाज सेवा के लिए प्रेरित करता है।

RSS का मूल मंत्र क्या है?

RSS का मूल मंत्र है “मातृभूमि के लिए निःस्वार्थ सेवा”। यह मंत्र RSS के सदस्यों को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता है।

RSS किसका पार्टी है?

RSS एक राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि एक स्वयंसेवी संगठन है। हालांकि, RSS से जुड़े कई लोग भारतीय जनता पार्टी (BJP) में सक्रिय हैं और BJP को RSS का राजनीतिक सहयोगी माना जाता है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय कहाँ?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय नागपुर, महाराष्ट्र में स्थित है।

RSS के अध्यक्ष कौन है?

RSS के अध्यक्ष को सरसंघचालक कहा जाता है। वर्तमान में, मोहन भागवत RSS के सरसंघचालक हैं।

RSS के संस्थापक कौन?

RSS के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार थे। उन्होंने 27 सितंबर, 1925 को RSS की स्थापना की थी।

अतिरिक्त जानकारी

RSS की स्थापना ब्रिटिश भारत के समय में हुई थी।

RSS का लक्ष्य भारत को एक मजबूत और स्वतंत्र राष्ट्र बनाना था।

RSS के सदस्य विभिन्न क्षेत्रों से आते हैं और वे सभी धर्मों और जातियों के लोगों को अपने संगठन में शामिल करने का प्रयास करते हैं।

RSS भारत का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन है।

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